कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में अटक जाती है। कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में...
मैं भी भारत तू भी भारत, मैं और तुम में सिमटता भारत, मैं भी भारत तू भी भारत, मैं और तुम में सिमटता भारत,
""मैं एक मजदूर हूं "" (लॉकडाउन के दौरान) ""मैं एक मजदूर हूं "" (लॉकडाउन के दौरान)
ख़्वाब तो आखिर ख़्वाब है, हक़ीक़त से इसको मतलब नहीं। ख़्वाब तो आखिर ख़्वाब है, हक़ीक़त से इसको मतलब नहीं।
अपने चेहरे पर एक झूठा मुखौटा लगाए रहते हैं। अपने चेहरे पर एक झूठा मुखौटा लगाए रहते हैं।